Armed Forces Flag Day 2025 : आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे 2025 पर देश के सच्चे हीरो को दिल से सलाम !

Armed Forces Flag Day 2025: देश के सच्चे हीरो को दिल से सलाम !

आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे 2025: तिरंगे के साथ सलाम करते भारतीय जवान


आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे 2025 पर सेना के जांबाजों को सलाम करें। 7 दिसंबर को देशभर में मनाया जाने वाला ये पर्व शहीदों और जवानों की याद दिलाता है। पूरी जानकारी शाइनखबर पर।

आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे: वो दिन जब पूरा देश एक साथ झुकता हैआर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे हर साल 7 दिसंबर को मनाया जाता है और ये दिन हमारे दिल में एक अलग सी जगह रखता है। इस बार 2025 में हम 76वां आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे मना रहे हैं। ये वो खास मौका है जब हम अपनी सेना, नौसेना और वायुसेना के बहादुर जवानों को शुक्रिया कहते हैं। सुबह से ही स्कूल-कॉलेज, ऑफिस और बाजारों में छोटे-छोटे फ्लैग नजर आने लगते हैं। हर कोई गर्व से अपनी शर्ट या दुपट्टे पर वो फ्लैग लगा लेता है। आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक भावना है जो हमें याद दिलाती है कि हम बिना डर के सो पाते हैं क्योंकि कोई सरहद पर जाग रहा है। बच्चे स्कूल में निबंध लिखते हैं, बड़े लोग दान करते हैं और सोशल मीडिया पर मैसेज शेयर करते हैं। ये सब उस फंड के लिए होता है जो घायल जवानों, शहीदों के बच्चों और उनकी विधवाओं की मदद करता है। आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे हमें सिखाता है कि देशभक्ति सिर्फ बोलने से नहीं, छोटे-छोटे कामों से भी दिखाई जाती है। इस दिन पूरा देश एक साथ झुकता है उन मां-बाप के सामने जिन्होंने अपना बेटा देश को दे दिया।
आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे 2025: तिरंगे के साथ सलाम करते भारतीय जवान
आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे का इतिहास: 1949 से अब तक का सफरआर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे की शुरुआत 1949 में हुई थी। आजादी के दो साल बाद देश ने फैसला किया कि हमें अपनी सेना को एक दिन पूरी तरह समर्पित करना चाहिए। उस समय दूसरे विश्व युद्ध के घाव अभी ताजे थे और लोग समझ गए थे कि सैनिकों की मदद के लिए एक स्थायी फंड की जरूरत है। तब से हर साल 7 दिसंबर को आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे मनाया जाता है। 1962, 1965, 1971 और 1999 के युद्धों में इस फंड ने हजारों परिवारों को सहारा दिया। आज भी जब कोई जवान शहीद होता है या घायल होकर लौटता है, तो सबसे पहले यही फंड आगे आता है। आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे का फ्लैग तीनों सेनाओं के रंगों का प्रतीक है – लाल, गहरा नीला और हल्का नीला। ये छोटा सा फ्लैग जब हम लगाते हैं तो दिल में गर्व की लहर दौड़ जाती है। सालों से ये परंपरा चली आ रही है और हर बार नई पीढ़ी इसे और जोश के साथ मनाती है।आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे पर भावुक कोट्स और मैसेज
इस दिन सबसे ज्यादा शेयर होने वाली चीज होती है दिल को छूने वाले मैसेज।
“वर्दी पहनकर जो मां को बिना बताए सीमा पर चले जाते हैं, आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे उनके लिए है।”
“हम त्योहार मनाते हैं, वो ड्यूटी। हम सोते हैं, वो जागते हैं। सलाम है ऐसे जांबाजों को।”
“आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे वो दिन है जब हमारा थैंक यू सबसे जोर से गूंजता है।”
एक मां का मैसेज वायरल हुआ था – “मेरा बेटा बॉर्डर पर है, लेकिन आज पूरा देश उसका परिवार है।” ऐसे मैसेज पढ़कर आंखें भर आती हैं। बच्चे अपने पिता को फ्लैग भेजते हैं, पत्नियां स्टेटस लगाती हैं। आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे पर ये छोटे-छोटे शब्द बड़ी ताकत बन जाते हैं।
आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे को खास कैसे बनाएंइस बार आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे को यादगार बनाने के लिए कुछ आसान तरीके हैं।
सुबह उठकर फ्लैग लगाएं और एक सेल्फी शेयर करें।
अपने ऑफिस या सोसाइटी में छोटा सा कलेक्शन बॉक्स रखें।
बच्चों को सैनिकों की कहानियां सुनाएं।
घर पर एक मोमबत्ती जलाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दें।
अगर पास में कोई सैनिक परिवार रहता है तो उनसे मिलने जाएं।
ऑनलाइन भी कई प्लेटफॉर्म पर डोनेशन का ऑप्शन होता है, बस एक क्लिक से आप योगदान दे सकते हैं। आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे तब सचमुच सफल होता है जब हम सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित न रहें बल्कि कुछ रियल करें।
आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे: आने वाली पीढ़ी का कर्तव्यआज के बच्चे और युवा ही कल का भारत हैं। आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे हमें ये मौका देता है कि हम नई जनरेशन को सिखाएं कि देश पहले है। स्कूलों में इस दिन प्रोग्राम होने चाहिए, रिटायर्ड सैनिक बच्चों से मिलें, उनकी कहानियां सुनाएं। आज ड्रोन, साइबर युद्ध और नई तकनीक का जमाना है, इसलिए नई पीढ़ी को तैयार करना जरूरी है। आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे सिर्फ दान का दिन नहीं, प्रेरणा का दिन है। जब बच्चा फ्लैग लगाकर गर्व महसूस करता है, तो उसका सीना चौड़ा हो जाता है। आने वाले सालों में ये दिन और बड़ा होगा क्योंकि हम सब मिलकर इसे जीवित रखेंगे। आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे की ज्योत हमेशा जलती रहे, यही कामना है।

जय हिंद 🇮🇳


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